वो बहुत सारा जो वक़्त था ना जाने अब कहाँ है
तुम्हारी ज़ेब में पड़े नोट कहीं उसकी कीमत तो नहीं
वो हर शाम जिस कॉल का तुम्हे इंतज़ार होता था
कहीं वो आवाज अब मुसीबत तो नहीं
आशिक़ी तो उसकी ऐसी थी की पूरा ज़माना रस्ते से हट गया
बड़ी देर से पता चला उसे की उसका भी कट गया
सपने बहुत देख रखें हैं दौड़ना पड़ेगा उस ओर अब
कदम आगे क्या बढ़ाया ज़िन्दगी बीच में आ गयी
समझाया रिश्तेदारों ने की कुछ करो, कामयाब बनो
और हमे लगा था की ज़िन्दगी सिर्फ जीने के लिए होती है
जो गिर कर उठने के लिए सहारे की उम्मीद तुम्हे भी है
तो या तो उम्मीद छोड़ दो या उठने का ख्याल
इस सब से इतर कहीं कोई ख्वाब तुम्हारा भी होगा ज़रूर
पर हक़ीक़त में जीना बड़ी कोशिशों से सीखा है हमने
तुम्हारी ज़ेब में पड़े नोट कहीं उसकी कीमत तो नहीं
वो हर शाम जिस कॉल का तुम्हे इंतज़ार होता था
कहीं वो आवाज अब मुसीबत तो नहीं
आशिक़ी तो उसकी ऐसी थी की पूरा ज़माना रस्ते से हट गया
बड़ी देर से पता चला उसे की उसका भी कट गया
सपने बहुत देख रखें हैं दौड़ना पड़ेगा उस ओर अब
कदम आगे क्या बढ़ाया ज़िन्दगी बीच में आ गयी
समझाया रिश्तेदारों ने की कुछ करो, कामयाब बनो
और हमे लगा था की ज़िन्दगी सिर्फ जीने के लिए होती है
जो गिर कर उठने के लिए सहारे की उम्मीद तुम्हे भी है
तो या तो उम्मीद छोड़ दो या उठने का ख्याल
इस सब से इतर कहीं कोई ख्वाब तुम्हारा भी होगा ज़रूर
पर हक़ीक़त में जीना बड़ी कोशिशों से सीखा है हमने